× About Services Clients Contact
  • info@shiva.org.in
  • +91-9760678037

पर्यटन तीर्थ

पंच केदार

शास्त्रों में उत्तराखंड स्थित केदारनाथ धाम का बड़ा ही महात्म्य बताया गया है। केदारनाथ के अलावा यहां चार और केदार हैं जिनका धार्मिक महत्व केदारनाथ के बराबर है, हालांकि यहां हर कोई आसानी से नहीं जा पाता पर जो जाता है वह स्वयं ही शिवमय हो जाता है। इन सभी धामों के दर्शन से व्यक्ति की कामना पूर्ण होती है। इन स्थानों में तुंगनाथ के महादेव, रूद्रनाथ, श्रीमध्यमहेश्वर एवं कल्पेश्वर प्रमुख हैं। भगवान शिव के ये चार स्थान केदारनाथ के ही भाग हैं। विश्व में उत्तराखण्ड को एक विशेष स्थान प्राप्त है। इसकी हरियाली भूमि को देवताओं की पवित्र भूमि का कहा जाता है। यहां विभिन्न रूप में हमारे अराध्य भगवान्, देवी देवताओं के स्थान, मंदिर स्थापित हैं। अपनी इन्हीं अप्रतिम विशेषताओं के चलते उत्तराखंड की भूमि एक तरह से हिन्दू संस्कृति का प्रतिनिधित्व करती प्रतीत होती है। यहां गंगोत्री, यमुनोत्री, बद्रीनाथ जैसे कई सिद्ध तीर्थ स्थल हैं।

केदारनाथ ज्योतिर्लिंग

केदारनाथ ज्योतिर्लिंग की स्थापना का इतिहास यह है कि हिमालय के केदार श्रृंग पर भगवान विष्णु के अवतार महातपस्वी नर और नारायण ऋषि तपस्या करते थे। उनकी आराधना से प्रसन्न होकर भगवान शंकर प्रकट हुए और उनके प्रार्थनानुसार ज्योतिर्लिंग के रूप में सदा वास करने का वर प्रदान किया। यह स्थल केदारनाथ पर्वतराज हिमालय के केदार नामक श्रृंग पर अवस्थित हैं।